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मनभावन चैत आवन

संसार के ऋतु चक्रों में प्रत्येक ऋतु का अपना अलग रंग है | वर्षा ऋतु हरे रंग में लिपटी हुई, तो शरद ऋतु कोहरे में घिरी हुई और वसंत ऋतु रंग बिरंगी फूलों से लदी हुई ; देखा जाये तो फाल्गुन, चैत, बैशाख ये महीने बसंत ऋतु के होते है| चैत में बसंत ऋतु अपने यौवन पर होता है | पक्षियों का चहचहाना बसंत ऋतु में अपने चरम पर होता है| भारतीय केलेन्डर चैत से शुरू होकर फागुन पर समाप्त होता है| अपने भारतीय पुर्वजों ने अपने त्योहारों, शुभ दिनों की योजना करते समय मनुष्य जाति के मानसिक एवं शारीरिक स्वाथ्य का विशेष ध्यान रखा है| हमारे सारे मौसम सूरज पर निर्भर है और हमारे त्यौहार चाँद पर| इसलियें कालगणना में चंद्र-सौर पद्धती का नियोजन किया गया है| अतः कुछ त्यौहार उस मौसम विशेष में ही मनाये जाते है| आज चैत्र शुध्द प्रतिपदा है| आज से वासंतीय नवरात्रि प्रारंभ होती है| आज का दिन हिंदुओं का नववर्षारंभ भी माना जाता है| पैठण के शालिवाहन राजा ने दुष्ट शक लोगोंको पराजित करके उनके अत्याचारों से जनता को मुक्त किया| उस विजय के निमित्त चैत्र शुध्द प्रतिपदा से शालिवाहन कालगणना का प्रारंभ होता है| इस मास में रात के आरंभ में पूर्व दिशा के क्षितिज पर चित्रा नक्षत्र का उदय होता है और रात भर मनोहारी दर्शन देकर प्रातः पश्चिम में अस्त होता है| अतः इसे चैत्र मास कहते है| प्रभु रामचंद्र ने दुष्ट रावण का वध करने पश्चात अयोध्या में आज के दिन ही प्रवेश किया था| चैत्र मास, यानि सृष्टि का सृजन उत्सव है| कोयल का कूजन इसी माह से सुनाई देता है| पेड़-पौधों, वृक्षों को नई कोपलें फूटती है| हर पेड़-पौधा रंगबिरंगी फूलों से संवरा होता है| फलों के राजा – आम का आगमन भी इसी माह में होता है| महाराष्ट्र में आज का दिन ”गुढीपाडवा” यानी नये साल का प्रारंभ,के रूप में मनाया जाता है| एक मराठी समाचार पत्रिका में मुझे एक विदेशी महिला के बारे में पढने को मिला, यह महिला वृद्ध थी, तथा अकेली रहती थी| फिर भी उसके घर का माहौल रोज एक त्यौहार की तरह होता था| मेहमानों की आवाजाही रहती थी| इसके पीछे कारण यह था कि उसका स्वयं का एक खास केलेन्डर था- उसमे हर तारीख के खाने में, कोई घटना विशेष का उल्लेख रहता था| ये उल्लेख उसके निजी स्वरूप के थे| किसी परिचित, रिश्तेदार का जन्मदिन, किसी का स्मृतिदिन, कुछ सुंदर घटनाओं की याद | ऐसी यादे जिन्हें फिर से याद करके अच्छा लगे | ऐसी छोटी-छोटी बातों का जन्म दिन | रोज सुबह उठकर केलेंडर में उस दिन में लिखी हुई बात को पढ़ना और तदनुसार दिनचर्या तय करना| कितनी अच्छी बात है ना यह ! मुझे लगा,मैं आपके साथ यह बात शेअर करू ... आज के दिन से हम इस तरह कुछ नया प्रयास कर सकते है ताकि हमारे रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ सकारात्मक बदलाव आये| आजके शुभ दिन के अवसर पर ईश्वर चरण में प्रार्थना है कि, आने वाला नया साल आपको सुख समृद्धी एवं यश प्रदान करे. आमीन !

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  • Posted By : Admin

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